Diwan Shah@diwan_shah59friendsadd Diwanगुर्बत ने क्या ढाया सितम दिल पर हमने खूबसूरत चेहरों पर मरना छोड़ दिया।। सुना है हुस्न उसका एक ग़ज़ल की ता'बीर है हमने सुख़न-वरी छोड़ी कलाम पढ़ना छोड़ दिया ।।